Vimmbox
shankar
shankarbishnoi.blogspot.com
3 Abonnenten
There are no media yet.

Blogs

By
shankar

जीव विज्ञान और पर्यावरण
वायु प्रदूषण से निपटने के लिये भारत की नई रणनीतिshankarbishnoi.blogspot.com
1 week ago
31 views
By
shankar

भारतीय अर्थव्यवस्था प्रधानमंत्री ‘जी-वन’ योजना


हाल ही में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने प्रधानमंत्री ‘जी-वन योजना’ (Jaiv Indhan-Vatavaran Anukool Fasal Awashesh Nivaran Yojana: JI-VAN) के लिये वित्तीय मदद को मंज़ूरी प्रदान की।

प्रमुख बिंदु

जैव ईंधन-वातावरण अनुकूल फसल अवशेष निवारण योजना (जी-वन योजना) के तहत ऐसी एकीकृत बायो-इथेनॉल परियोजनाओं को वित्तीय मदद प्रदान करने का प्रावधान किया गया है जो लिग्नोसेल्यूलॉज़िक बायोमास (Lignocellulosic Biomass) और अन्य नवीकरणीय फीडस्टॉक (Feedstock) का इस्तेमाल करती हैं।
लिग्नोसेल्यूलॉज़िक बायोमास (LC biomass) – यह बायोमास सेल्यूलोज़ (Cellulose), हेमिसेल्यूलोज़ (Hemicelluloses) और लिग्निन (Lignin) से बना होता है।

2018-19 से 2023-24 की अवधि के लिये इस योजना में कुल 1969.50 करोड़ रुपए की मंज़ूरी प्रदान की गई है।
स्वीकृत कुल 1969.50 करोड़ रुपए में से 1800 करोड़ रुपए 12 वाणिज्यिक परियोजनाओं की मदद, 150 करोड़ रुपए 10 प्रदर्शित परियोजनाओं और बाकी बचे 9.50 करोड़ रुपए उच्च प्रौद्योगिकी केन्द्र (Centre for High Technology-CHT) को प्रशासनिक शुल्क के रूप में दिये जाएंगे।
विवरण

इस योजना के तहत12 परियोजनाओं को वाणिज्यिक स्तर पर और 10 दूसरी पीढ़ी (2G) के इथेनॉल परियोजनाओं के प्रदर्शन स्तर पर दो चरणों में वित्तीय मदद दी जाएगी।
पहला चरण (2018-19 से 2022-23) – इस चरण के दौरान 6 वाणिज्यिक परियोजनाओं तथा 5 प्रदर्शन स्तर वाली परियोजनाओं को आर्थिक मदद दी जाएगी।
दूसरा चरण (2020-21 से 2023-24)- दूसरे चरण में बाकी बची 6 वाणिज्यिक परियोजनाओं और 5 प्रदर्शन स्तर वाली परियोजनाओं को वित्तीय मदद दी जाएगी।
इस परियोजना के तहत दूसरी पीढ़ी के इथेनॉल क्षेत्र को प्रोत्साहित एवं मदद करने का काम किया गया है। इसके लिये वाणिज्यिक परियोजनाएँ स्थापित करने और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने का काम किया गया है।
इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (Ethanol Blended Petrol-EBP) कार्यक्रम के तहत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को मदद पहुँचाने के अलावा निम्नलिखित लाभ भी प्राप्त होंगे -
जीवाश्म ईंधन के स्थान पर जैव ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर आयात पर निर्भरता कम करने की भारत सरकार की परिकल्पना को साकार करना।
जीवाश्म ईंधन के स्थान पर जैव ईंधन के इस्तेमाल का विकल्प प्रस्तुत कर उत्सर्जन के ग्रीन हाउस गैस (GHG) मानक की प्राप्ति।
बायोमास और फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान का समाधान करना और लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना।
दूसरी पीढ़ी की इथेनॉल परियोजना और बायोमास आपूर्ति श्रृंखला में ग्रामीण एवं शहरी लोगों के लिये रोज़गार के अवसर पैदा करना।
बायोमास कचरे और शहरी क्षेत्रों से निकलने वाले कचरे के संग्रहण की समुचित व्यवस्था कर स्वच्छ भारत मिशन में योगदान करना।
दूसरी पीढ़ी के बायोमास को इथेनॉल प्रौद्योगिकी में परिवर्तित करने की विधि का स्वदेशीकरण करना।
योजना के लाभार्थियों द्वारा बनाए गए इथेनॉल की अनिवार्य रूप से तेल विपणन कंपनियों को आपूर्ति करना, ताकि वे EBP कार्यक्रम के तहत इनमें निर्धारित प्रतिशत में मिश्रण कर सकें।
उद्देश्य

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने वर्ष 2022 तक पेट्रोल में 10 प्रतिशत इथेनॉल का मिश्रण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इथेनॉल की कीमत ज़्यादा रखने और इथेनॉल खरीद प्रक्रिया को आसान बनाने के तमाम सरकारी प्रयासों के बावजूद 2017-18 के दौरान 150 करोड़ लीटर इथेनॉल की खरीद ही प्राप्त की जा सकी जो कि देशभर में पेट्रोल में इथेनॉल के मात्र 4.22 प्रतिशत मिश्रण के लिये पर्याप्त है।
इसी वजह से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा बायोमास और अन्य कचरों से दूसरी पीढ़ी का इथेनॉल प्राप्त करने की संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं। इससे इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम के तहत जीवाश्म पेट्रोल की कमी को पूरा किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री जी-वन योजना का मुख्य उद्देश्य देश में दूसरी पीढ़ी की इथेनॉल क्षमता विकसित करने और इस क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित करने का प्रयास किया गया है।
पृष्ठभूमि

भारत सरकार ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम 2003 में लागू किया था। इसके ज़रिये पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण कर पर्यावरण को जीवाश्म ईंधनों के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान से बचाना, किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाना तथा कच्चे तेल के आयात को कम कर विदेशी मुद्रा बचाना है।
वर्तमान में EBP 21 राज्यों और 4 संघ शासित प्रदेशों में चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत तेल विपणन कंपनियों के लिये पेट्रोल में 10 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाना अनिवार्य बनाया गया है।
मौजूदा नीति के तहत पेट्रोकेमिकल के अलावा मोलासिस और नॉन फीड स्‍टाक उत्पादों जैसे सेल्यूलोज़ और लिग्नोसेल्यूलोज़ जैसे पदार्थों से इथेनॉल प्राप्त करने की अनुमति दी गई है।
2 weeks ago
64 views
By
shankar

Rapid Fire करेंट अफेयर्स (5 March)
Rapid Fire करेंट अफेयर्स (5 March)
2 weeks ago
18 views
By
shankar

The American Revolution
The American Revolution was a colonial revolt that took place between 1765 and 1783. The American Patriots in the Thirteen Colonies won independence from Great Britain, becoming the United States of America. They defeated the British in the American Revolutionary War (1775–1783) in alliance with France and others.

American Revolution


Date

1765–1783

Location

Thirteen Colonies

Participants

Colonists in British America

Outcome

Independence of the United States of America from the British Empire
End of British colonial rule in the Thirteen Colonies
End of the First British Empire
Members of American colonial society argued the position of "no taxation without representation", starting with the Stamp Act Congress in 1765. They rejected the authority of the British Parliament to tax them because they lacked members in that governing body. Protests steadily escalated to the Boston Massacre in 1770 and the burning of the Gaspee in Rhode Island in 1772, followed by the Boston Tea Party in December 1773, during which Patriots destroyed a consignment of taxed tea. The British responded by closing Boston Harbor, then followed with a series of legislative actswhich effectively rescinded Massachusetts Bay Colony's rights of self-government and caused the other colonies to rally behind Massachusetts. In late 1774, the Patriots set up their own alternative government to better coordinate their resistance efforts against Great Britain; other colonists preferred to remain aligned to the Crown and were known as Loyalists or Tories.


Tensions erupted into battle between Patriot militia and British regulars when the king's army attempted to capture and destroy Colonial military supplies at Lexington and Concord on April 19, 1775. The conflict then developed into a global war, during which the Patriots (and later their French, Spanish, and Dutch allies) fought the British and Loyalists in what became known as the American Revolutionary War (1775–83). Each of the thirteen colonies formed a Provincial Congress that assumed power from the old colonial governments and suppressed Loyalism, and from there they built a Continental Army under the leadership of General George Washington. The Continental Congress determined King George's rule to be tyrannical and infringing the colonists' rights as Englishmen, and they declared the colonies free and independent states on July 2, 1776. The Patriot leadership professed the political philosophies of liberalism and republicanismto reject monarchy and aristocracy, and they proclaimed that all men are created equal.

The Continental Army forced the redcoats out of Boston in March 1776, but that summer the British captured and held New York City and its strategic harbor for the duration of the war. The Royal Navy blockaded ports and captured other cities for brief periods, but they failed to defeat Washington's forces. The Patriots unsuccessfully attempted to invade Canada during the winter of 1775–76, but successfully captured a British army at the Battle of Saratoga in October 1777. France now entered the war as an ally of the United States with a large army and navy that threatened Britain itself. The war turned to the American South where the British under the leadership of Charles Cornwallis captured an army at Charleston, South Carolina in early 1780 but failed to enlist enough volunteers from Loyalist civilians to take effective control of the territory. A combined American–French force captured a second British army at Yorktown in the fall of 1781, effectively ending the war. The Treaty of Paris was signed September 3, 1783, formally ending the conflict and confirming the new nation's complete separation from the British Empire. The United States took possession of nearly all the territory east of the Mississippi River and south of the Great Lakes, with the British retaining control of Canada and Spain taking Florida.

Among the significant results of the revolution was the creation of the United States Constitution, establishing a relatively strong federal national government that included an executive, a national judiciary, and a bicameral Congress that represented states in the Senate and the population in the House of Representatives.The Revolution also resulted in the migration of around 60,000 Loyalists to other British territories, especially British North America (Canada).
1 month ago
5 views
By
shankar

संयुक्त संसदीय समिति Joint Parliamentary Committee
संयुक्त संसदीय समिति
Joint Parliamentary Committee
6 days ago
20 views
By
shankar

आदर्श आचार संहिता
आदर्श आचार संहिता
1 week ago
25 views
By
shankar

Inspirational Birthday Quotes
Inspirational Birthday Quotes
1 month ago
15 views
By
shankar

अंतर्राष्ट्रीय संबंध

भारत की विदेश नीति ऐसी है जिसमें वैश्विक संतुलन कायम रखते हुए सभी देशों से बेहतर संबंध बनाने पर ज़ोर दिया जाता है। भारत ने अपनी डाइनैमिक विदेश नीति के तहत हाल ही में विश्व के कई देशों के साथ समझौतों और सहमति-पत्रों को मंज़ूरी दी है। ये समझौते वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को और विस्तार देने का काम करेंगे।
1 month ago
15 views
By
shankar

साइबर वॉर का खतरा
साइबर वॉर का खतरा
1 week ago
35 views
By
shankar

Russia’s Most Popular Travel Destinations
Russia’s Most Popular Travel Destinations
2 weeks ago
11 views
By
shankar

ऐसी ही तमाम आदतें और भी हैं जो कि हमें बीमार, बहुतबीमार करने में सक्षम हैं।
यह सुन के आप अचम्ब्भित भी हो सकते हैं कि हमअपने आप के ही कातिल बनते जा रहे हैं।

कभी जान बूझकर और कभी अनजाने में!

दरअसल आज की भागदौड़ वाली ज़िन्दगी में हम ऐसीआदतों का चयन करते हैं जो कि अक्सर जान लेवा हीसाबित होती हैं।

हमारी आदतें हमारी ज़रूरतों की नहीं बल्कि वक्त कीमोहताज होकर रह जाती हैं। हमारे ज़हन में ये आता ही नहींकि हम जिन आदतों की दुहाई देते हैं, जिन्हे धन दौलत केतराज़ू में तौलते हैं, क्या वो स्वास्थय की कसौटी पे सहीउतरती हैं? ऐसे में हम अपने शरीर पर ज़रूरत से ज़्यादाज़ुल्म करने लगते हैं क्यूंकि हम खुद अपनी ही आदतों केपरिणामों से अनभिज्ञ हैं।

आईए , हम आपको उन आदतों से परिचित कराते हैं जोकि आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं, यकीनमानिए आप चौंक उठेंगे।हम अपने दफ्तर और घर के कामों में इतने व्यस्त हो जाते हैंकि व्यायाम या योग तो छोड़िये, हम सुबह की सैर से भीअपना पल्ला झाड़ने लगते हैं जो कि हमारे स्वस्थ्य के लिएअत्यंत आवश्यक है। और तो और बहुत सी महिलाएं घर केकाम को ही व्यायाम समझने की गलती कर बैठती हैं। इससेहमारे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और शरीर कीकोशिकाओं में विषैले पदार्थ इकठ्ठा हो जाते हैं। क्या आपजानते हैं ये पदार्थ हमारे शरीर में कैंसर पैदा करने के लिएकाफी होते हैं?

2. हमें समय से सोना पसंद नहीं:हम काम और ज़िम्मेदारियों को इतनी महत्ता देने लगते हैं किशरीर तो केवल एक मशीन बन के रह जाता है। मानाज़िम्मेदारी निभाना ज़रूरी है पर क्या अपने स्वस्थ केप्रति हमारी कोई प्रतिबद्धता नहीं?

हम समय से सोते नहीं और फिर समय से उठते नहीं। इससे नसिर्फ हमारी दिनचर्या खराब होती है बल्कि हम बीमार भीहोते हैं। अगर नींद पूरी न हो तो हम तनाव मुक्त नहीं हो पातेऔर ढेरों बिमारियों को न्योता दे बैठते हैं। Alzheimer’s Disease और multiple sclerosis ऐसी दो बीमारियां हैंजो की शरीर में नींद की कमी से उत्पन्न हो सकती हैं।

3. हम तो कुछ भी खा सकते हैं:सही में? क्या हमारा पेट एक कुआँ हैं? ऊपर वाले ने तो नहींबनाया था, पर हम इंसानों ने इसे कुएं जैसा ही बना दिया है।हमने आजकल junk food खाने का नया शौक़ जो पाललिया है। junk का अंग्रेजी मतलब कबाड़ होता है, पता नहींये हम क्यों नहीं समझ पाते। इस कबाड़ को खाने से हमारेशरीर में भरपूर मात्रा में अम्ल पैदा होता है जो कि कैंसर कोजन्म देने के लिए काफी है।

4. हम technology के slave बन गए हैं Technology से तो हमने ऐसे नाता जोड़ लिया है जैसे किहमारी शादी हो चुकी है इन तकनीकों से. Smart phone हमारा भाई और laptop बहन बन चुके हैं और wi-fi से तो पति पत्नी का रिश्ता सा है।

यदि ये न चले तो नींद ही गायब हो जाती है। अब जबतकनीक इतने करीब आ ही गयी है तो उसके दुष्परिणामों कोनज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। इन तकनीकों सेहानिकारक तरंगों का निकास होता है जो कि हमें समय सेपहले बूढ़ा, गंजा और शिथिल बना देती हैं। Electromagnetic waves हमारी genes में भीबदलाव लाने में सक्षम हैं।

5. हम पानी से ज़्यादा सोडा पदार्थ पीते हैं:पानी का महत्व हमने कभी जाना ही नहीं। हम ये भूल चुके हैंकी पानी से भरी नदियां ही हमारी प्यास बुझाएंगी, न किसोडा से भरी बोतलें। कोल्ड्ड्रिंक्स तो हम ऐसे पीते हैं जैसेकी डॉक्टर ने ही बोला हो रोज़ पीने को। अब इससेनिर्जलीकरण का डर तो हमेशा ही बना रहता है।निर्जलीकरण हमारे शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक होताहै। ये जान भी ले सकता है।

6. हम बहुत भावुक हैं:वैसे तो ये अच्छी बात है, पर ज़रूरत से ज़्यादा भावुकताहमारे मानसिक विकास को कमज़ोर बनता है। लोग दूरभागते हैं ऐसे लोगों से। भावुक लोग चिंता, सुस्ती और डर सेग्रसित हो जाते हैं। ये शरीर और स्वास्थ्य दोनों के लिए हीबहुत हानिकारक है। हम खुद के ही डॉक्टर हैं:डिग्री न सही, हौंसला तो बहुत है। दवाईयां तो हम ऐसेखाते हैं, जैसे की चावल दाल। ज़रा सा दर्द हुआ नहीं, बसफांक ली एक बड़ी सी गोली। कभी ये सोचते भी नहीं कि इनगोलियों में कितने नुकसानदेह पदार्थ होते हैं जो कि हमें अंदरसे खोखला कर देंगे। डॉक्टर से पूछे बिना हम दवाई खा केअभी का दर्द तो दूर कर लेते हैं पर इससे दूर के होने वाले दर्दऔर नुक्सान को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। इससे हमारा शरीरविषाक्तता से ग्रसित हो जाता है।

ऐसी ही तमाम आदतें और भी हैं जो कि हमें बीमार, बहुतबीमार करने में सक्षम हैं।

अब आपको इस बात का चुनाव करना है कि आपअपनी आदतों पर सवार हो कर किस ओर जाना चाहेंगे: स्वास्थ्य की ओर या उस अंधे गर्त में जहाँ न जान होगीन जहान।

1 month ago
8 views
By
shankar

अरावली पर संकट
अरावली पर संकट
2 weeks ago
35 views
By
shankar

जीएसटी परिषद की 34वीं बैठक आयोजित, रियल एस्‍टेट सेक्‍टर पर जीएसटी दर लागू करने के बारे में निर्णय लिए गए
जीएसटी परिषद की 34वीं बैठक आयोजित, रियल एस्‍टेट सेक्‍टर पर जीएसटी दर लागू करने के बारे में निर्णय लिए गए
21 hours ago
9 views
By
shankar

भारतीय संविधान के अनुच्छेद और उनके विषय
भारतीय संविधान के अनुच्छेद और उनके विषय
1 month ago
14 views
By
shankar

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF)
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF)
2 weeks ago
49 views
By
shankar

Valentine's Day 2019 make special
Can you believe it, the entire week before Valentine’s day is dedicated to celebration of love, culminating to the greatest day for celebration of love, Valentine’s day! Take a look at the following:
1 month ago
13 views
By
shankar

स्वास्थ्य ही धन है
यह सुन के आप अचम्ब्भित भी हो सकते हैं कि हमअपने आप के ही कातिल बनते जा रहे हैं।

कभी जान बूझकर और कभी अनजाने में!

दरअसल आज की भागदौड़ वाली ज़िन्दगी में हम ऐसीआदतों का चयन करते हैं जो कि अक्सर जान लेवा हीसाबित होती हैं।

हमारी आदतें हमारी ज़रूरतों की नहीं बल्कि वक्त कीमोहताज होकर रह जाती हैं। हमारे ज़हन में ये आता ही नहींकि हम जिन आदतों की दुहाई देते हैं, जिन्हे धन दौलत केतराज़ू में तौलते हैं, क्या वो स्वास्थय की कसौटी पे सहीउतरती हैं? ऐसे में हम अपने शरीर पर ज़रूरत से ज़्यादाज़ुल्म करने लगते हैं क्यूंकि हम खुद अपनी ही आदतों केपरिणामों से अनभिज्ञ हैं।

आईए , हम आपको उन आदतों से परिचित कराते हैं जोकि आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं, यकीनमानिए आप चौंक उठेंगे।हम अपने दफ्तर और घर के कामों में इतने व्यस्त हो जाते हैंकि व्यायाम या योग तो छोड़िये, हम सुबह की सैर से भीअपना पल्ला झाड़ने लगते हैं
1 month ago
28 views
By
shankar

आर्ट ऑफ लिविंग
1.जीवन

जब तुम पैदा हुए थे तो तुम रोए थे जबकि पूरी दुनिया ने जश्न मनाया था। अपना जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोए और तुम जश्न मनाओ।

2.कठिनाइयों

जब तक आप अपनी समस्याओं एंव कठिनाइयों की वजह दूसरों को मानते है, तब तक आप अपनी समस्याओं एंव कठिनाइयों को मिटा नहीं सकते|

3.असंभव

इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं| हम वो सब कर सकते है, जो हम सोच सकते है और हम वो सब सोच सकते है, जो आज तक हमने नहीं सोचा|

4.हार ना मानना

बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं क्योंकि लौटने पर आपको उतनी ही दूरी तय करनी पड़ेगी जितनी दूरी तय करने पर आप लक्ष्य तक पहुँच सकते है|

5.हार जीत

सफलता हमारा परिचय दुनिया को करवाती है और असफलता हमें दुनिया का परिचय करवाती है|

6.आत्मविश्वास

अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने में लग जाती है

7.महानता

महानता कभी न गिरने में नहीं बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है|

8.गलतियां

अगर आप समय पर अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करते है तो आप एक और गलती कर बैठते है| आप अपनी गलतियों से तभी सीख सकते है जब आप अपनी गलतियों को स्वीकार करते है|

9.चिन्ता

अगर आप उन बातों एंव परिस्थितियों की वजह से चिंतित हो जाते है, जो आपके नियंत्रण में नहीं तो इसका परिणाम समय की बर्बादी एवं भविष्य पछतावा है|

10.शक्ति

ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं| वो हम हैं जो अपनी आँखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धकार है|

11.मेहनत

हम चाहें तो अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर अपना भाग्य खुद लिख सकते है और अगर हमको अपना भाग्य लिखना नहीं आता तो परिस्थितियां हमारा भाग्य लिख देंगी|

12.सपने

सपने वो नहीं है जो हम नींद में देखते है, सपने वो है जो हमको नींद नहीं आने देते।

13.समय

आप यह नहीं कह सकते कि आपके पास समय नहीं है क्योंकि आपको भी दिन में उतना ही समय (24 घंटे) मिलता है जितना समय महान एंव सफल लोगों को मिलता है|

14.विश्वास

विश्वास में वो शक्ति है जिससे उजड़ी हुई दुनिया में प्रकाश लाया जा सकता है| विश्वास पत्थर को भगवान बना सकता है और अविश्वास भगवान के बनाए इंसान को भी पत्थर दिल बना सकता है|

16.सफलता

दूर से हमें आगे के सभी रास्ते बंद नजर आते हैं क्योंकि सफलता के रास्ते हमारे लिए तभी खुलते जब हम उसके बिल्कुल करीब पहुँच जाते है|

17.सोच

बारिश की दौरान सारे पक्षी आश्रय की तलाश करते है लेकिन बाज़ बादलों के ऊपर उडकर बारिश को ही avoid कर देते है। समस्याए common है, लेकिन आपका नजरिया इनमे difference पैदा करता है।

18. प्रसन्नता

यह पहले से निर्मित कोई चीज नहीं है..ये आप ही के कर्मों से आती है
1 month ago
6 views
By
shankar

आर्ट ऑफ लिविंग
जीवनजब तुम पैदा हुए थे तो तुम रोए थे जबकि पूरी दुनिया ने जश्न मनाया था। अपना जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोए और तुम जश्न मनाओ।
1 month ago
15 views
By
shankar

इंडियाज वर्ल्ड : हिंद-प्रशांत रणनीति
इंडियाज वर्ल्ड : हिंद-प्रशांत रणनीति
1 week ago
40 views
By
shankar

चौथी औद्योगिक क्रांति में विवादों का ऑनलाइन समाधान तंत्र
चौथी औद्योगिक क्रांति में विवादों का ऑनलाइन समाधान तंत्र
1 week ago
36 views